🏛️ महाराष्ट्र में लखपति दीदी योजना 2026

🎉 आर्थिक विकास की अग्रणी - महाराष्ट्र में लखपति दीदियां!

महाराष्ट्र में 70,000+ लखपति दीदियां! देश के सबसे विकसित राज्यों में से एक महाराष्ट्र में लखपति दीदी योजना तेजी से बढ़ रही है। जानें UMED संपर्क विवरण, आवेदन प्रक्रिया और सभी 36 जिलों की जानकारी।

🌐 Maharashtra Lakhpati Didi Yojana 2026

Lakhpati Didi Yojana in Maharashtra - One of India's most economically developed states, Maharashtra has created 70,000+ Lakhpati Didis through 2.8 lakh Self Help Groups across 36 districts. The scheme is implemented by UMED (Umed Maharashtra Economic Development) under Deendayal Antyodaya Yojana. Women entrepreneurs get access to ₹5 lakh interest-free loans, free skill training, and comprehensive business support.

📑 सभी जानकारी एक क्लिक में

📊 महाराष्ट्र के आंकड़े (2026)

👥 कुल SHG

2,80,000+

स्वयं सहायता समूह

💰 लखपति दीदियां

70,000+

₹1 लाख+ कमाई

🗺️ जिले

36

सभी जिलों में सक्रिय

👩‍💼 कुल लाभार्थी

35 लाख+

महिला सदस्य

📞 उमेद महाराष्ट्र आर्थिक विकास (UMED)

🏢 संपर्क विवरण

संगठन: Umed Maharashtra Economic Development (UMED)

पता: UMED Office, Mantralaya, Mumbai - 400032, Maharashtra

फोन: 022-26592856, 022-26592857

टोल फ्री: 1800-233-4358

ईमेल: info@umed.in

वेबसाइट: umed.in

कार्य समय: सोमवार से शुक्रवार, 10:00 AM - 5:00 PM

🎯 महाराष्ट्र में योजना का क्रियान्वयन

योजना की विशेषताएं

  • दीनदयाल अंत्योदय योजना (DAY-NRLM) के तहत संचालित
  • 36 जिलों में पूर्ण कवरेज
  • 2.8 लाख+ SHGs सक्रिय रूप से कार्यरत
  • ₹5 लाख तक ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध
  • मुफ्त स्किल ट्रेनिंग सभी जिलों में
  • डिजिटल आजीविका रजिस्टर से ऑनलाइन ट्रैकिंग
  • मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में सहायता

🌟 महाराष्ट्र की सफलता की कहानियां

🧵 आशा पाटिल - पुणे

व्यवसाय: पारंपरिक महाराष्ट्रीयन साड़ी और कपड़ों का व्यापार

मासिक आय: ₹1.6 लाख

कहानी: पुणे की आशा पाटिल ने लखपति दीदी योजना के तहत ₹3.5 लाख का लोन लेकर पारंपरिक महाराष्ट्रीयन साड़ियों का व्यापार शुरू किया। आज वह 20 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं और ऑनलाइन भी बिक्री करती हैं।

🌾 सुनीता देशमुख - नागपुर

व्यवसाय: ऑर्गेनिक फार्मिंग और प्रोसेसिंग

मासिक आय: ₹1.4 लाख

कहानी: नागपुर की सुनीता देशमुख ने SHG के माध्यम से ₹4 लाख का लोन लेकर ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू की। अब वह संतरे, हल्दी और अन्य उत्पादों की प्रोसेसिंग भी करती हैं।

🍰 प्रिया शर्मा - मुंबई

व्यवसाय: बेकरी और केटरिंग सर्विस

मासिक आय: ₹2.0 लाख

कहानी: मुंबई की प्रिया शर्मा ने लखपति दीदी योजना से प्रेरित होकर बेकरी और केटरिंग बिजनेस शुरू किया। आज उनकी टीम में 15 महिलाएं काम करती हैं और बड़े ऑर्डर मिलते हैं।

🗺️ महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में योजना सक्रिय

📝 महाराष्ट्र में आवेदन कैसे करें

आवेदन प्रक्रिया

  1. नजदीकी SHG से संपर्क करें: अपने गांव/शहर के स्वयं सहायता समूह से मिलें
  2. सदस्यता लें: SHG की सदस्य बनें (₹10-100 प्रति माह बचत)
  3. ट्रेनिंग लें: UMED द्वारा आयोजित मुफ्त ट्रेनिंग में भाग लें
  4. बिजनेस प्लान बनाएं: अपने व्यवसाय की योजना तैयार करें
  5. लोन के लिए आवेदन करें: SHG के माध्यम से बैंक में आवेदन दें
  6. UMED हेल्पलाइन: 1800-233-4358 पर कॉल करें

जरूरी दस्तावेज:

  • ✅ आधार कार्ड
  • ✅ पैन कार्ड
  • ✅ बैंक खाता पासबुक
  • ✅ निवास प्रमाण पत्र (महाराष्ट्र का)
  • ✅ SHG सदस्यता प्रमाण पत्र
  • ✅ पासपोर्ट साइज फोटो

🏦 महाराष्ट्र में बैंक साझेदारी

सक्रिय बैंक

निम्नलिखित बैंक महाराष्ट्र में लखपति दीदी योजना के तहत लोन प्रदान कर रहे हैं:

  • 🏦 Union Bank of India - ₹5 लाख तक 0% ब्याज
  • 🏦 Indian Bank - इंड-लखपति दीदी स्कीम
  • 🏦 State Bank of India (SBI)
  • 🏦 Bank of Maharashtra
  • 🏦 Punjab National Bank (PNB)
  • 🏦 Bank of Baroda

🚀 आज ही शुरू करें अपना सफर!

महाराष्ट्र की लाखों महिलाओं की तरह आप भी बन सकती हैं लखपति दीदी। अपने नजदीकी SHG से संपर्क करें या UMED हेल्पलाइन पर कॉल करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1: महाराष्ट्र में लखपति दीदी योजना कब शुरू हुई?

Answer: महाराष्ट्र में यह योजना DAY-NRLM के तहत 2011 से चल रही है। UMED (Umed Maharashtra Economic Development) इसे संचालित करता है।

Q2: महाराष्ट्र में कितनी लखपति दीदियां हैं?

Answer: 2026 तक महाराष्ट्र में 70,000+ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

Q3: UMED का हेल्पलाइन नंबर क्या है?

Answer: टोल फ्री नंबर: 1800-233-4358 या 022-26592856

Q4: क्या सभी 36 जिलों में योजना उपलब्ध है?

Answer: हां, लखपति दीदी योजना महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में सक्रिय है।